
महाराष्ट्र की सियासत में भूकंप जैसा झटका लगा है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत छह लोगों की एक विमान दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। डीजीसीए ने इस हादसे की पुष्टि कर दी है, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
अजित पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले रैलियों के लिए बारामती जा रहे थे। क्रैश साइट पर राहत कार्य तेज हैं, लेकिन सभी की मौत की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवार परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना जताई। उन्होंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले से बात की। प्रमोद तिवारी ने चमत्कार की कामना की, जबकि विवेक तन्खा ने पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए प्रार्थना की।
एनसीपी (एससीपी) की फौजिया खान मीडिया से जानकारी ले रही हैं। आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने इसे चौंकाने वाला बताया। बीजेडी के देबी प्रसाद मिश्रा ने अजित पवार को सम्मानित नेता करार दिया, जिनका शरद पवार गुट से अलग होकर अपना दबदबा था।
पुणे, बारामती और महाराष्ट्र में उनका प्रभाव गहरा था। सिंचाई मंत्रालय संभाल चुके पवार की कमी सियासी समीकरण बदल देगी। जांच तेज हो गई है, लेकिन उनका योगदान हमेशा याद रहेगा। महाराष्ट्र अब नई शुरुआत की ओर बढ़ेगा।