
नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी सुविधाओं की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें अंसारी नगर में 3000 बेड वाले विश्राम सदन के निर्माण की प्रमुख घोषणा की गई है। यह कदम मरीजों के परिजनों के लिए ठहरने की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रतिदिन संस्थान में 10,000 से अधिक मरीज पहुंचते हैं।
जनहित याचिका पर दाखिल इस रिपोर्ट में एम्स की मौजूदा बुनियादी ढांचे का पूरा ब्योरा दिया गया है, जिसमें बेड क्षमता, ओपीडी सेवाएं और सहायक सुविधाएं शामिल हैं। विश्राम सदन में किफायती डोरमेट्री, स्वच्छता केंद्र और प्राथमिक चिकित्सा इकाइयां होंगी, जो परिजनों को बड़ी राहत देंगी।
संस्थान ने न्यायालय को आश्वासन दिया है कि भूमि आवंटन हो चुका है और निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यह परियोजना दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र पर बोझ कम करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट की निगरानी ने इस उन्नयन को गति दी है।
रोगी संगठनों ने इसकी सराहना की है और सर्दी से पहले तेजी से काम पूरा करने की मांग की है। 18 माह में चालू होने वाले इस सदन से समग्र देखभाल मजबूत होगी।