
तमिलनाडु में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग तेज हो गई है। इस बीच सीपीआई(एम) ने एआईएडीएमके पर कर्मचारियों को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना (ईपीएस) की कटु आलोचना की है।
कर्मचारी संगठन वर्षों से 2004 से पहले की पेंशन व्यवस्था की वापसी की मांग कर रहे हैं, जिसमें अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन मिलती थी। ईपीएस में योगदान आधारित सीमित राशि ने कई पेंशनभोगियों को निराश किया है।
चेन्नई में प्रेस वार्ता के दौरान सीपीआई(एम) राज्य सचिव ने कहा, ‘एआईएडीएमके झूठे आंकड़ों से कर्मचारियों को डरा रही है। राजस्थान व छत्तीसगढ़ जैसे राज्य पुरानी पेंशन लागू कर सफल हुए हैं।’
एआईएडीएमके ने खारिज करते हुए कहा कि पुरानी योजना राज्य के खजाने पर भारी बोझ डालेगी। विशेषज्ञों का मत भी बंटा है। कर्मचारी हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं।
यह विवाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। सरकार को जल्द समाधान निकालना होगा।