
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि एआई आधारित नवाचार भारत के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एक तकनीकी समिट में बोलते हुए उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कृषि, स्वास्थ्य और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रही है, जो 2047 तक भारत को वैश्विक नेता बनाने के सपने को साकार करेगी।
सीएम ने भारत के उभरते तकनीकी परिवेश पर जोर दिया, जहां स्टार्टअप्स और शोध संस्थान एआई को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए अपना रहे हैं। ‘एआई केवल उपकरण नहीं, बल्कि समावेशी विकास का उत्प्रेरक है,’ उन्होंने कहा। उदाहरणस्वरूप, स्मार्ट फार्मिंग ऐप्स फसल उपज की भविष्यवाणी करते हैं, जबकि एआई आधारित निदान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना रहे हैं।
मध्य प्रदेश में एआई को शासन में एकीकृत करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए यादव ने भविष्यवाणी आधारित पुलिसिंग और जल प्रबंधन प्रणालियों की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सार्वजनिक-निजी साझेदारियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
आत्मनिर्भर भारत का आधार बनने वाले एआई को देखते हुए सीएम ने कहा कि युवा जनसंख्या और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत वैश्विक एआई क्रांति का नेतृत्व करेगा। ‘नैतिक और नवाचारी एआई से हम लक्ष्यों को पार करेंगे,’ उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
विशेषज्ञों ने भारत के 2030 तक वैश्विक एआई बाजार में 20 प्रतिशत योगदान की संभावना पर सहमति जताई। विकसित भारत की दिशा में यादव के विचार प्रेरणादायक हैं।
