
अहमदाबाद नगर निगम ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पशुओं के प्रबंधन में अनूठी रणनीति अपनाई है। सड़क पर आवारा कुत्तों और गायों के लिए विशेष फीडिंग जोन बनाए गए हैं, जहां बाहर भोजन देने पर जुर्माना लगेगा। इससे गंदगी पर लगाम लगेगी और सह-अस्तित्व मजबूत होगा।
कैटल न्यूसेंस कंट्रोल विभाग के प्रमुख नरेश राजपूत ने कहा कि यह भारत सरकार के पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप है। हर जगह भोजन देने से होने वाली असुविधा अब खत्म हो रही है।
लावारिस गायों से सड़क हादसे रोकने को 1.10 लाख गायों में आरएफआईडी और माइक्रोचिप डाली गई। 130 चौराहों पर सीसीटीवी से तस्वीरें ली जाती हैं, जिनका एआई विश्लेषण कर मालिक ढूंढे जाते हैं। गायें लौटाई जाती हैं, यातायात सुधरा है।
कुत्तों के लिए 9 जोन में 126 फीडिंग पॉइंट्स हैं। शेल्टर में टीका और देखभाल होती है, रेबीज के केस घटे। निवासी एकता बोलीं, ‘अब एक जगह भोजन से गंदगी नहीं फैलती, शहर साफ रहता है।’
यह प्रयास क्लीन सिटी मिशन को बल दे रहे हैं, पशु कल्याण और नागरिक सुविधा को संतुलित कर रहे हैं। अहमदाबाद अन्य शहरों के लिए मिसाल बन रहा है।