
संभल के कल्कि धाम में गुरुवार को कल्कि स्थापना दिवस के भव्य समारोह में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने ‘जगतगुरु’ की प्रतिष्ठित उपाधि से नवाजा। विभिन्न अखाड़ों के संतों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया, जिसके दौरान फूलों की वर्षा और मंगल कामनाएं हुईं।
आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने घोषणा की कि अब कल्कि पीठाधीश्वर पूज्य पाद जगतगुरु पूज्य स्वामी प्रमोद कृष्णम भारतीजी महाराज के नाम से विख्यात होंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस सम्मान पर गहन कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी का हृदय से आभार। मैं सनातन धर्म का साधारण सेवक हूं और समस्त जगत की सेवा के लिए समर्पित हूं। श्री कल्कि धाम व भगवान कल्कि के प्रचार-प्रसार हेतु मेरा जीवन अर्पित है।’
उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें कभी सपने में भी इस सर्वोच्च उपाधि की आशा नहीं थी। यह महंत रवींद्र पुरी का कल्कि स्थापना दिवस में पहला आगमन था, जिसका उचित स्वागत न कर पाने पर उन्होंने खेद जताया।
आचार्य प्रमोद की यह उपलब्धि उनके सनातन धर्म के प्रति समर्पण को रेखांकित करती है, जो हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कश्मीर अलगाववादियों से तुलना करने वाले बयान से भी झलकती है। यह घटना धार्मिक एकता का प्रतीक बनी।