
तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को कड़ा ultimatum दिया है। उन्होंने मांग की है कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की सटीक संख्या का खुलासा किया जाए, जो मतदाता सूचियों में घुस चुके हैं। पश्चिम बंगाल में आयोजित एक विशाल रैली में बोलते हुए बनर्जी ने कहा, ‘चुनाव आयोग को पारदर्शिता बरतनी होगी। ये आंकड़े छिपाने से लोकतंत्र कमजोर होता है।’
बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह घुसपैठ का मुद्दा केवल चुनावी लाभ के लिए उछालती है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाती। उन्होंने बीएसएफ की रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि बांग्लादेश सीमा से हजारों लोग घुसपैठ कर चुके हैं, जो फर्जी दस्तावेजों से वोटर बन जाते हैं।
यह मुद्दा असम, त्रिपुरा और बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों के लिए संवेदनशील है। बनर्जी ने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए पूरे देश में विशेष ऑडिट की मांग की। उन्होंने कहा कि असली भारतीय मतदाताओं का हक छीना नहीं जाएगा।
राजनीतिक हलकों में यह बयान भूचाल ला रहा है। भाजपा ने इसे TMC की रक्षा रणनीति बताया, जबकि बनर्जी ने चुनौती दी कि स्वतंत्र जांच हो तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
चुनाव आयोग ने अब तक चुप्पी साध रखी है, लेकिन विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाने की संभावना है। बनर्जी का यह आग्रह लोकसभा चुनावों से पहले चुनावी मैदान को गरमा सकता है।
अंततः, यह मांग राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनावी शुद्धता के बीच संतुलन की याद दिलाती है। यदि अमल हुआ, तो करोड़ों मतदाताओं का भरोसा मजबूत होगा।