
आज संसद के सत्र में प्रदूषण के गंभीर संकट पर आम आदमी पार्टी (आप) के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। दिल्ली और आसपास के इलाकों में फैले जहरीले कोहरे के खिलाफ ठोस कदम न उठाने के आरोप लगाते हुए विपक्षी दल ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
शुरुआत में आप के सांसदों ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के खतरनाक स्तर पर सवाल उठाए, जो लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। पराली जलाने, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की गई। ‘दिल्लीवासी दम घुटने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार सिर्फ बहाने बना रही है,’ आप सांसद संजय सिंह ने सदन में जोरदार भाषण दिया।
सभापति ने सरकार से जवाब मांगा, लेकिन मंत्रियों के संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आप के सदस्य नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए। यह प्रदूषण अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनावों के नजदीक आते हुए। सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि एक्यूआई कई दिनों से 450 से ऊपर रहा, जो विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों के बराबर है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रदूषण की तस्वीरें साझा कर जनता का ध्यान आकर्षित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के आगमन से स्थिति और बिगड़ेगी। अस्पतालों में सांस की बीमारियों से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
यह वॉकआउट सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति है। अगर ठोस नीतियां नहीं बनीं, तो जनता का गुस्सा और भड़क सकता है। दिल्ली को साफ हवा देने का वक्त आ गया है।