
दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रमुख नेता ने भाजपा विधायक कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की जोरदार मांग की है। नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मिश्रा ने बार-बार सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।
आरोपों में विधायक के भड़काऊ बयान, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी शामिल है। आप नेता ने कहा, ‘कपिल मिश्रा जैसे लोग विधानसभा में नहीं रह सकते।’ यह मांग भाजपा और आप के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।
कपिल मिश्रा दिल्ली की राजनीति में अपनी तीखी आलोचना के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आप सरकार की पानी, बिजली और प्रदूषण जैसी योजनाओं पर सवाल उठाए हैं। उनके समर्थक उन्हें साहसी नेता मानते हैं, जबकि विपक्ष उन्हें विभाजनकारी बताता है।
विधानसभा स्पीकर को अब इस पर फैसला लेना होगा। दलबदल विरोधी कानून या अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा अदालत तक पहुंच सकता है।
दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले यह विवाद आप की रणनीति का हिस्सा लगता है। भाजपा ने इसे आप की हताशा बताया है। आने वाले दिनों में इसकी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज होने की संभावना है। दिल्लीवासियों की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी है।