
दिल्ली की सियासत में प्रदूषण का मुद्दा फिर गरमाया है। भाजपा नेता हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप सरकार दिल्ली के घातक प्रदूषण पर खुली चर्चा से जानबूझकर बच रही है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुराना ने आप के पर्यावरणीय रिकॉर्ड पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दस साल की सत्ता में आप ने यमुना सफाई, पराली जलाने पर रोक और सार्वजनिक परिवहन सुधार के वादे तो किए, लेकिन अमल में कोई सफलता नहीं मिली।
राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिर से 400 के पार पहुंच गया है। खुराना ने निर्माणधूल, लैंडफिल से उठने वाले धुएं और वाहनों के प्रदूषण पर आप की लापरवाही उजागर की। उन्होंने हरियाणा-यूपी जैसे भाजपा शासित राज्यों की तुलना में आप की विफलताओं को गिनाया, जहां पराली प्रबंधन के लिए ड्रोन निगरानी और सब्सिडी वाली मशीनें प्रभावी साबित हो रही हैं। खुराना ने अरविंद केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती दी।
आप के ऑड-ईवन जैसे उपायों को खुराना ने ‘आंख मिचौली’ करार दिया। सर्दी के मौसम में प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों की सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या उछाल मार रही है। खुराना ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे आप से हिसाब मांगें। चुनावी साल में यह मुद्दा निर्णायक साबित हो सकता है। आप ने अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया, लेकिन बहस की गूंज सियासी गलियारों में तेज हो रही है। क्या केजरीवाल चुनौती स्वीकार करेंगे?