
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हंगामे की स्थिति बनी हुई है। भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आप जानबूझकर सत्र को बाधित कर रही है। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप विधायकों पर नारेबाजी और वाकआउट के जरिए विधायी कार्यवाही ठप करने का आरोप लगाया।
भाजपा के अनुसार, आप अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह रणनीति अपना रही है। दिल्ली में खराब सड़कें, दूषित पानी की समस्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चर्चा से बचने के लिए सत्ताधारी दल सदन को हंगामेबाजों का अड्डा बना रहा है। ‘आप ने भ्रष्टाचार छिपाने के लिए लोकतंत्र की हत्या कर दी है,’ गुप्ता ने कहा।
सत्र के पहले ही दिन से 12 बार स्थगन हुआ है। महत्वपूर्ण विधेयक और बजट चर्चा लंबित है। भाजपा ने स्पीकर से कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने आप के 15 विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की चेतावनी भी दी।
आप ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया। आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘भाजपा सदन में व्यवधान डालने वाली है। हम जनता के मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं।’ हालांकि वीडियो फुटेज आप विधायकों की नारेबाजी दिखा रहे हैं।
दिल्ली की राजनीति में यह टकराव भविष्य के चुनावों को प्रभावित करेगा। क्या आप अपनी रणनीति में सफल होगी या भाजपा जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएगी? शीत सत्र का परिणाम दोनों दलों की छवि तय करेगा।