
देश में डायबिटीज तेजी से महामारी का रूप ले रही है। लाखों लोग इस धीमे जहर से जूझ रहे हैं, जो हृदयाघात, किडनी फेलियर और आंखों की कमजोरी जैसी भयानक बीमारियां ला रही है। चिकित्सक स्पष्ट कहते हैं कि दवाओं से पहले रोकथाम ही असली हथियार है। नेशनल हेल्थ मिशन का ‘7ए’ फॉर्मूला इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
यह सात आसान आदतें रोजाना जीवन में उतारकर न केवल ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार आता है।
ए1: स्वस्थ भोजन की आदतें अपनाएं। जंक फूड, तले हुए व्यंजनों और पैकेटबंद सामान से मुंह मोड़ें। घरेलू पौष्टिक आहार चुनें।
ए2: फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। प्रतिदिन 2-3 सर्विंग्स लें, जो फाइबर प्रदान कर शुगर को संतुलित रखेंगी।
ए3: आदर्श वजन हासिल करें। मोटापा डायबिटीज का प्रमुख कारक है, बीएमआई पर नजर रखें।
ए4: सक्रिय जीवन जिएं। 30 मिनट की सैर, योग या व्यायाम इंसुलिन को प्रभावी बनाएगा।
ए5: अतिरिक्त चीनी त्यागें। मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक्स छोड़ें, फलों की प्राकृतिक मिठा पर्याप्त।
ए6: तंबाकू-शराब से परहेज। ये जोखिम कई गुना बढ़ाते हैं।
ए7: नियमित जांच करवाएं। सालाना चेकअप से शुरुआती खतरे पकड़ें।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और अनुशासन से यह संभव है। परिवार में डायबिटीज हो या उम्र 40 पार, अभी शुरू करें।