
महाराष्ट्र के दौंड में एक भयानक गैस सिलेंडर विस्फोट ने पांच मजदूरों की जान ले ली। निर्माण स्थल पर हुए हादसे में घायल ये मजदूर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गए। यह घटना कामगारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है।
हादसा दौंड रेलवे स्टेशन के पास एक निजी निर्माण कार्य स्थल पर शाम के समय हुआ। मजदूर भोजन तैयार कर रहे थे तभी एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव शुरू हो गया। पास ही जल रही आंच ने धमाके को भयावह रूप दे दिया। आग की लपटें आसमान छूने लगीं और धुआं चारों तरफ फैल गया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई, लेकिन तब तक 12 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस चुके थे। स्थानीय अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद पांच मजदूरों को बचाया नहीं जा सका।
प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सिलेंडर हैंडलिंग में लापरवाही सामने आ रही है। श्रम विभाग ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पीड़ित परिवारों को मुआवजे की घोषणा होने वाली है।
यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। निर्माण साइटों पर नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षण और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य होने चाहिए। दौंड की जनता इन मजदूरों के नुकसान पर शोकाकुल है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग कर रही है।