
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ईरान और अन्य देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने से 1 मार्च को 444 उड़ानों के रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसकी जानकारी दी है।
28 फरवरी को भी इसी कारण 410 घरेलू उड़ानें रद्द की गई थीं। प्रमुख हवाई अड्डों को संभावित मार्ग बदलावों के लिए अलर्ट पर रखा गया है। डीजीसीए ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए हर कदम पर नजर रखी जा रही है।
यात्री सहायता, एयरलाइन समन्वय और टर्मिनल भीड़ प्रबंधन की सतत निगरानी हो रही है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं। मंत्रालय का यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) शिकायतों का तुरंत समाधान कर रहा है।
28 फरवरी को 216 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 105 का निपटारा हो गया। सभी पक्ष मिलकर प्रभावित यात्रियों की मदद सुनिश्चित कर रहे हैं।
इससे पहले, अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद मंत्रालय ने एयरलाइनों को नोटम और हवाई क्षेत्र सलाह पर नजर रखने को कहा। उड़ानों का समय पर री-रूटिंग जरूरी है।
‘यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सबसे ऊपर है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।’ एएआई और निजी एयरपोर्ट्स ग्राउंड हैंडलिंग व अन्य सुविधाओं के लिए तैयार हैं। यात्रियों से अपील है कि एयरलाइन से अपडेट लें।