
गुजरात के वडोदरा में रहने वाले 17 वर्षीय जैनिल चापानेरिया ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अनुपम उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फाइटर जेट की कैनोपी को सुरक्षित रखने वाली अनोखी तकनीक तैयार की, जो अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुकी है। यह कम उम्र में सीमित साधनों के साथ किया गया चमत्कार युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
रनोली गांव में पला-बढ़ा जैनिल वर्तमान में कारेलीबाग में रहता है। उसने 15 वर्षों में हुई लगभग 400 दुर्घटनाओं का गहन विश्लेषण किया, जहां तकनीकी खराबी या गलती से कैनोपी अचानक खुल गई थी। इन हादसों ने कई पायलटों की जान ले ली या उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
इस तकनीक का आधार जड़त्व बल है। विमान में कोई असामान्य झटका, तेज रफ्तार या उछाल होने पर सिस्टम स्वतः कैनोपी लॉक कर देता है। इससे पायलट की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। जैनिल ने अक्टूबर 2025 में पेटेंट दाखिल किया, जो दिसंबर में स्वीकृत हो गया।
स्थानीय लोग और शिक्षक जैनिल पर गर्व कर रहे हैं। वह डीआरडीओ से जुड़ने और वायुसेना में पायलट बनने का सपना देखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक रक्षा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। जैनिल सिद्ध करता है कि जुनून हो तो उम्र मायने नहीं रखती।