
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस से निलंबित 12 पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने खुद इनकी सदस्यता ग्रहण कराई। यह घटना स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ये पार्षद विभिन्न नगर निगमों से जुड़े हुए थे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर उपेक्षा और आंतरिक कलह का आरोप लगाते हुए भाजपा जॉइन करने का फैसला किया। चव्हाण ने स्वागत करते हुए कहा कि ये सदस्य भाजपा की जमीनी ताकत बढ़ाएंगे।
कांग्रेस को इस स्विच से करारा झटका लगा है। पार्टी के अंदर आपात बैठकें हो रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इससे और पार्षद भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं। भाजपा इस मौके को भुनाने में जुटी है।
राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना स्थानीय शासन पर क्या असर डालती है। जनता की नजरें दोनों दलों की रणनीतियों पर टिकी हैं।