
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता के आरोप में 11 पुलिसकर्मियों को विभाग से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य की कानून व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश है।
ये पुलिसकर्मी कांस्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर स्तर तक के थे, जो कांगड़ा, मंडी और शिमला जैसे जिलों में तैनात थे। जांच में सामने आया कि वे नशीले पदार्थों की खेपों को सीमावर्ती चौकियों से आसानी से पार कराने में मदद करते थे।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की सूचना पर शुरू हुई छह माह की जांच में व्हाट्सएप चैट, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयान मिले। एक सब-इंस्पेक्टर तो खुद थाने से तस्करों को निर्देश दे रहा था।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्दी की आन-बान को कलंकित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
प्रदेश में युवाओं में ड्रग्स का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। इस घटना ने जनता में आक्रोश पैदा किया है। पुलिस महानिदेशक ने नई निगरानी प्रणाली और ईमानदारी जांच की घोषणा की।
यह मामला पहाड़ी इलाकों में ड्रग्स तस्करी की समस्या को उजागर करता है। सरकार अब विशेष दस्ते गठित कर सीमा सुरक्षा मजबूत करने की योजना बना रही है।
