
चंडीगढ़। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने खाड़ी देशों में फंसे लगभग एक करोड़ भारतीयों की चिंताजनक स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि पटियाला के छह लोगों ने पैसे खत्म होने पर उनसे संपर्क किया।
“उन्होंने फोन करके कहा कि होटल के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा। मैंने अपने करीबी दोस्त के जरिए उनका इंतजाम करवाया,” सिंह ने कहा। मुख्यमंत्री भगवंत मान केंद्र और विदेश मंत्री से सीधे समन्वय कर रहे हैं। सभी को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास तेज हैं।
मंत्री ने केंद्र सरकार की आलोचना की, “स्थिति पहले से ज्ञात थी, निकासी पहले हो जानी चाहिए थी। युद्ध रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर पहल जरूरी है।”
कनाडा में सोशल मीडिया प्रभावशाली नैन्सी ग्रेवाल की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “परिवार के साथ दुख है। पढ़ाई-काम के लिए भेजे बच्चे का शव लाना सबसे बड़ा दर्द।”
चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि होशियारपुर, शहीद उदham सिंह संस्थान, पूरथला समेत नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। सभी सरकारी सीटें होंगी, केंद्र-राज्य 60-40 भागीदारी से। पुरानी समस्याओं की समीक्षा के बाद विस्तार शुरू।
पंजाब प्रवासी भारतीयों के लिए कदम उठा रहा है, जो राज्य की संवेदनशीलता दर्शाता है।