
अगरतला, 11 फरवरी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत अगले दस वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने का पूरा खाका पेश करती है।
त्रिपुरा की राजधानी में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में बोलते हुए चौहान ने कहा कि यह मिशन समाज के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहले 100 दिनों की बजाय अब 125 दिनों का रोजगार गारंटी मिलेगा, जो ग्रामीण परिवारों की आय को स्थिर करेगा।
इस वित्तीय वर्ष के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं। वित्त आयोग से अतिरिक्त 55,000 करोड़ रुपये मिलने से पांच वर्षों में कुल 2 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान हो जाएगा। अगले पांच सालों में ही 10 लाख करोड़ रुपये ग्रामीण विकास पर व्यय होंगे।
देश की 2.86 करोड़ ग्राम पंचायतों को इस योजना से लाभ मिलेगा। प्रत्येक पंचायत को पांच वर्षों में 1.50 करोड़ से 2.75 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। चौहान ने पिछली यूपीए सरकार की तुलना में एनडीए के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र किया, जहां दस वर्षों में 8.54 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए।
योजना में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और वेतन भुगतान में देरी पर ब्याज का प्रावधान है। इस अवसर पर त्रिपुरा में 179 ग्रामीण परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया, जिनकी लागत 546.79 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री माणिक साहा सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधन दिया।
यह योजना विकसित भारत के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।