
आज की भागमभाग जिंदगी में तनाव ने हर किसी को जकड़ लिया है। नींद उड़ी हुई, चिड़चिड़ापन, हार्मोनल असंतुलन और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता—ये सब तनाव के उपहार हैं। आयुष मंत्रालय योग को अपनाने की सलाह देता है, जिसमें योनि मुद्रा विशेष रूप से प्रभावी है।
सुखासन या पद्मासन में बैठें, आंखें बंद करें और उंगलियों से योनि आकृति बनाएं। गहरी सांसों के साथ ध्यान करें। यह सरल विधि तंत्रिका तंत्र को शांत कर बाहरी शोर से मुक्ति दिलाती है।
नियमित अभ्यास से तनाव हार्मोन घटते हैं, चिंता-डर दूर होते हैं। लंबे मानसिक दबाव वालों के लिए वरदान।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव मूड, पीरियड्स और ऊर्जा पर असर डालते हैं। योनि मुद्रा ग्रंथियों को सक्रिय कर संतुलन लाती है। पुरुषों के लिए भी लाभकारी। इम्यूनिटी मजबूत होती है।
एकाग्रता बढ़ती है, विचार स्पष्ट होते हैं। थायरॉइड, पीसीओडी और मासिक धर्म की अनियमितता में राहत। योनि मुद्रा स्वास्थ्य का आधार बने।