
रोजमर्रा की भागदौड़ में ज्यादातर लोग चावल को बस धोकर ही पकाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह आदत आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। चावल भिगोना एक ऐसा आसान कदम है जो पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है, पाचन सुधारता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।
चावल में फाइटिक एसिड नामक तत्व आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे खनिजों को शरीर तक पहुंचने से रोकता है। भिगोने से यह एसिड घुल जाता है, जिससे ये पोषक तत्व आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। खासकर कुपोषण से जूझ रहे लोगों के लिए यह वरदान है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की स्टडीज भी यही साबित करती हैं।
भिगोने से चावल का स्वाद और बनावट बेहतर होती है। दाने नरम हो जाते हैं, जल्दी पकते हैं और एंजाइम्स स्टार्च को सरल शर्करा में बदल देते हैं। इससे पाचन आसान होता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है।
सही समय: सफेद चावल 15-20 मिनट, बासमती 20-30 मिनट, ब्राउन राइस 6-8 घंटे और साबुत चावल 8-12 घंटे। पहले 2-3 बार अच्छी तरह धोएं। हालांकि, सफेद चावल को ज्यादा न भिगोएं वरना विटामिन्स निकल सकते हैं।
आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, चावल भिगोना सेहत का राज है। इसे अपनाकर आप बेहतर पाचन, ऊर्जा और स्वस्थ जीवन पा सकते हैं।