
जिम जाने वाले युवाओं में व्हे प्रोटीन का क्रेज चरम पर है। मसल्स बनाने और वजन बढ़ाने के लिए ये सप्लीमेंट पहली पसंद बन चुका है। लेकिन कई बार मेहनत रंग नहीं लाती। न वजन बढ़ता है, न मांसपेशियां मजबूत होती हैं। आखिर कारण क्या है?
प्रोटीन शरीर की बुनियाद है। मसल्स ग्रोथ से लेकर टिश्यू रिपेयर तक इसके बिना कुछ नहीं। डाइट से कमी पूरी करने को सप्लीमेंट लेते हैं, लेकिन पाचन ही असली समस्या बन जाता है। पेट फूलना, भारीपन, गैस जैसी परेशानियां बताती हैं कि प्रोटीन ठीक से डाइजेस्ट नहीं हो रहा।
आयुर्वेद में इसे मंद जठराग्नि कहते हैं। प्रोटीन तोड़ना पेट के लिए कठिन काम है। अगर अग्नि कमजोर तो प्रोटीन सड़ता है, टॉक्सिन बनते हैं और अवशोषण रुक जाता है।
समाधान सरल है। प्रोटीन शेक में चुटकी काली मिर्च-अदरक चूर्ण मिलाएं। ये पाचन को तेज कर अवशोषण 30 प्रतिशत बढ़ा देते हैं। भारीपन भी दूर।
पपीता और अनानास भी कमाल करते हैं। पपीते का पैपेन और अनानास का ब्रोमेलैन प्रोटीन ब्रेकडाउन में माहिर। रोज आहार में जोड़ें।
त्रिकुट चूर्ण—अदरक, काली मिर्च, पिप्पली—पाचन अग्नि ज्वालामुखी बना देता है। साथ ही 7-8 घंटे गहरी नींद लें। ये प्रोटीन सिंथेसिस को बढ़ावा देती है।
इन उपायों से सप्लीमेंट का पूरा फायदा उठाएं। बॉडीबिल्डिंग अब आसान।