
रात के खाने के बाद आइसक्रीम का लुत्फ उठाना कई लोगों की पसंदीदा आदत है। लेकिन यह मीठा ठंडा स्वाद सेहत के लिए जहर साबित हो सकता है। आयुर्वेद में रात को शरीर का विश्राम काल माना जाता है, जहां पाचन अग्नि मंद पड़ जाती है। ठंडी-भारी आइसक्रीम कफ दोष को बढ़ावा देती है, जिससे अपच, गैस, अम्लपित्त और सुस्ती जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।
विज्ञान भी इसकी पुष्टि करता है। आइसक्रीम में चीनी और चिकनाई की अधिकता रक्त शर्करा को अचानक बढ़ा देती है, जो नींद में बाधा डालती है। शोध बताते हैं कि सोने से ठीक पहले मीठा लेने से इंसुलिन बढ़ जाता है, जिस कारण नींद टूटती रहती है।
वजन नियंत्रण के लिए भी यह घातक है। रात में शारीरिक गतिविधि न्यून होने से अतिरिक्त कैलोरी वसा के रूप में जमा हो जाती है। इससे मोटापा, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
पेट की समस्याएं तो आम हैं ही—एसिडिटी, जलन और दर्द। ठंडक पेट की मांसपेशियों को शिथिल कर एसिड रिफ्लक्स को न्योता देती है। बेहतर रहे, शाम को हल्के फल या दूध लें, आइसक्रीम को दिन में ही सीमित रखें।