
मौसम की मार से पीठ दर्द और अपच जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में उष्ट्रासन योगासन एक रामबाण साबित हो रहा है, जो आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमोटेड है। यह आसन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है।
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर यह पीठ व गर्दन दर्द दूर करता है, पेट की चर्बी घटाता है, आंखों की रोशनी तेज करता है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर हृदय व श्वास स्वास्थ्य सुधारता है, तनाव व थकान भगाता है।
नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिससे कब्ज व गैस जैसी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। डेस्क जॉब करने वालों के लिए यह वरदान है।
शुरू करने से पहले वार्म-अप जरूरी: वज्रासन में बैठें, मार्जरी आसन करें, हल्का पीछे झुकें, कंधे व कमर स्ट्रेच करें। इससे शरीर तैयार हो जाता है।
विधि: घुटनों पर बैठें, पैर कूल्हों जितने फैलाएं। पीछे झुकें, एड़ियां पकड़ें, सिर पीछे करें, छाती ऊपर उठाएं। 20-30 सेकंड रुकें, सामान्य मुद्रा में लौटें। 3-5 बार दोहराएं।
गंभीर चोट या बीमारी हो तो विशेषज्ञ सलाह लें। रोजाना अभ्यास से सेहत पाएं नई ऊर्जा।