
योग हमारे जीवन का अभिन्न अंग है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखता है। हठ योग के प्रभावी आसनों में उपविष्ठ कोणासन विशेष स्थान रखता है। यह आसन पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने के साथ रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में सहायक है।
इस आसन को करने के लिए भूमि पर सीधे बैठें। पैरों को आगे फैलाकर धीरे-धीरे जितना संभव हो उतना चौड़ा करें। सांस लेते हुए रीढ़ को सीधा रखें और आगे की ओर झुकें। हाथों को पैरों की ओर ले जाते हुए मुद्रा में रुकें। कुछ श्वासों के बाद धीरे लौटें।
यह आसन जांघों, कूल्हों और पीठ की मांसपेशियों को लंबाई देता है। नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है और दैनिक क्रियाएं सरल हो जाती हैं।
पेट के अंगों पर दबाव पड़ने से पाचन क्रिया तीव्र होती है। अपच, गैस और कब्ज जैसी परेशानियां दूर होती हैं।
पेट और जांघ क्षेत्र में चर्बी जलाने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे कमर पतली होती है।
रीढ़ पर स्ट्रेच आने से वह मजबूत और लचीली बनती है। डेस्क जॉब करने वालों के लिए आदर्श।
श्वास नियंत्रण से फेफड़े स्वस्थ होते हैं और ऊर्जा बढ़ती है। मन शांत होकर तनाव मुक्त होता है।
पीठ या पैरों में दर्द हो तो इससे परहेज करें। विशेषज्ञ सलाह लें।

