
आज की व्यस्त जिंदगी में पीठ दर्द, तनाव और पाचन संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं। थोड़ी सी असावधानी और ये समस्याएं बढ़ जाती हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, योग इन सभी परेशानियों का रामबाण इलाज है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार के साथ तिर्यक भुजंगासन का नियमित अभ्यास शारीरिक समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है। यह पेट के बल किया जाने वाला आसन शुरुआती लोगों के लिए भी सरल है।
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, पीठ व गर्दन के दर्द को कम करता है, फेफड़ों को मजबूत बनाता है और पेट के अंगों जैसे यकृत व पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। कंधों का तनाव दूर करता है तथा मासिक धर्म की परेशानियों में राहत देता है। तनाव घटाता है और कमर की अतिरिक्त चर्बी को नियंत्रित करने में सहायक है।
इसके अभ्यास के लिए पेट के बल लेटें, पैरों के बीच हल्का अंतर रखें। हथेलियां कंधों के समीप रखें, कोहनियां शरीर से सटी हों। गहरी सांस लें, छाती ऊपर उठाएं, निचला हिस्सा जमीन पर टिका रहे। सांस छोड़ते हुए सिर व धड़ दाईं ओर मोड़ें, बाईं एड़ी को दाहिने कंधे से झांकने की कोशिश करें। सहजता अनुसार रुकें, सामान्य श्वास चलाएं। फिर सीधे होकर बाईं ओर दोहराएं।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि गंभीर पीठ चोट, हर्निया या पेट सर्जरी के बाद इससे परहेज करें। आज से ही इसे अपनाएं और स्वस्थ रीढ़ पाएं।