
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता आम बात हो गई है। ये न केवल शरीर को थका देते हैं बल्कि आंखों की रोशनी और दिमाग की तेजी को भी कमजोर कर देते हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने त्राटक क्रिया को अपनाने का सुझाव दिया है, जो आंखों और मन दोनों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
त्राटक एक प्राचीन योगिक अभ्यास है जिसमें बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु या दीपक की ज्योति पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और एकाग्रता बढ़ती है।
नियमित अभ्यास से आंखें स्वच्छ, चमकदार और आकर्षक बन जाती हैं। रोशनी तेज होती है तथा नेत्र संबंधी विकारों में काफी राहत मिलती है।
मानसिक स्तर पर यह स्मृति को मजबूत बनाती है, मन की चंचलता को काबू में रखती है। सोचने-समझने की क्षमता में जबरदस्त सुधार आता है तथा मस्तिष्क का समुचित विकास होता है।
त्राटक आंतरिक ज्योति को प्रज्ज्वलित करती है, जिससे आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ती है। आज्ञाचक्र के सक्रिय होने से निर्णय लेने की कला निखरती है और दूरदृष्टि विकसित होती है।
शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह शुरू हो जाता है। नकारात्मकता दूर भागती है तथा मन को गहरी शांति प्राप्त होती है।
अभ्यास के लिए शांत स्थान चुनें। दीपक जलाकर आंखों के स्तर पर रखें और ज्योति पर टिके रहें जब तक आंसू न आने लगें। आराम करें और दोहराएं। रोजाना 5-10 मिनट से शुरुआत करें।
त्राटक क्रिया को जीवन में उतारकर आप न केवल स्वस्थ आंखें पा सकते हैं बल्कि एक तेज दिमाग भी हासिल कर सकते हैं। यह सरल तरीका आपकी जिंदगी बदल सकता है।