
मस्तिष्क के गहराई में एक छोटी-सी ग्रंथि छिपी है, जिसका आकार मटर के दाने के बराबर है, लेकिन यह हमारे नींद के चक्र, भावनात्मक संतुलन और जागरूकता को पूरी तरह नियंत्रित करती है। आयुर्वेद और योग में इसे आज्ञा चक्र का केंद्र माना जाता है, जो बुद्धि, अंतर्दृष्टि और मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है।
इस ग्रंथि का प्रमुख कार्य मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन है, जो सर्केडियन रिदम को संचालित करता है। रात के अंधेरे में यह हार्मोन अधिक बनता है, जिससे गहरी नींद आती है, जबकि दिन की रोशनी में यह कम होता है, शरीर को सक्रिय रखता है। नींद की कमी, थकान या मूड स्विंग्स अक्सर इसी ग्रंथि की कमजोरी का संकेत होते हैं।
यह हार्मोनल संतुलन भी बनाए रखती है, पिट्यूटरी और हाइपोथैलेमस को प्रभावित कर पूरे शरीर में सामंजस्य स्थापित करती है। मेलाटोनिन एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कोशिकाओं की रक्षा करता है, फ्री रेडिकल्स से बचाता है और बुढ़ापे को रोकता है। बच्चों में सबसे सक्रिय, उम्र के साथ यह धीमी पड़ जाती है।
नींद, मूड और चेतना पर इसका गहरा प्रभाव है। इसे स्वस्थ रखने के लिए सुबह धूप लें, ध्यान-प्राणायाम करें, हल्दी-काली मिर्च दूध पिएं, शुद्ध जल ग्रहण करें, फ्लोराइड避免 करें, स्क्रीन लाइट से दूर रहें और नियमित सोएं। ये उपाय जीवन को बेहतर बनाते हैं।