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पेट दर्द आंतों की गंभीर बीमारी का संकेत, आयुर्वेदिक उपचार अपनाएं

नई दिल्ली। पेट में हल्का दर्द या बार-बार होने वाली परेशानी को लोग अक्सर गैस या अपच मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह सामान्य समस्या नहीं, बल्कि आंतरिक आंतों की बीमारियों की चेतावनी हो सकती है।...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|स्वास्थ्य|
February 5, 2026
पेट दर्द आंतों की गंभीर बीमारी का संकेत, आयुर्वेदिक उपचार अपनाएं
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नई दिल्ली। पेट में हल्का दर्द या बार-बार होने वाली परेशानी को लोग अक्सर गैस या अपच मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह सामान्य समस्या नहीं, बल्कि आंतरिक आंतों की बीमारियों की चेतावनी हो सकती है।

आजकल जंक फूड के बढ़ते सेवन से आंतों संबंधी विकार तेजी से फैल रहे हैं। आयुर्वेद में इन्हें अतिसार, ग्रहणी दोष और कृमि रोग कहा गया है, जो वायरस, फंगस या परजीवियों के कारण होते हैं।

एंटीबायोटिक्स का अत्यधिक उपयोग अच्छे बैक्टीरिया को नष्ट कर संक्रमण को बढ़ावा देता है। आयुर्वेद डिटॉक्स के सरल उपाय सुझाता है।

दोपहर में भुने जीरे और काले नमक वाली छाछ पिएं, जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाती है।

रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लें, जो पेट की अशुद्धियों को साफ कर आंतों को मजबूत बनाता है।

हल्दी दूध रात में पीने से सूजन कम होती है। अजवाइन-सौंठ गैस, ऐंठन दूर करती है।

अनार के छिलके या रस में मौजूद तत्व सूजन घटाते हैं और अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं। बेल का रस भी उत्तम है।

इन उपायों से पेट की गंभीर समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है, स्वस्थ पाचन सुनिश्चित होता है।

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