
आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में चिपचिपे और तैलीय बालों की समस्या आम हो गई है। सुबह उठते ही बाल ऑयली लगना या पसीने से चिपक जाना लुक बिगाड़ देता है। यह झड़ना और स्कैल्प दिक्कतें भी बढ़ाता है।
आयुर्वेद में कफ दोष को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जो अतिरिक्त तेल पैदा करता है। वैज्ञानिक नजरिए से सेबेशियस ग्लैंड्स का ज्यादा सीबम बनाना समस्या की जड़ है। गर्मी-पसीना इसे बदतर बनाते हैं। ज्यादा शैंपू नमी छीन लेता है। तला-भुना खाना आंतरिक गर्मी बढ़ाता है। गंदगी-डैंड्रफ चिपचिपाहट को बढ़ावा देते हैं।
प्रकृति के उपाय अपनाएं। रीठा-शिकाकाई प्राकृतिक साफ करने वाले हैं, जो तेल हटाते हैं बिना नुकसान के। एलोवेरा ठंडक देता है, तेल संतुलित करता है। मुल्तानी मिट्टी तेल सोखती है, नींबू मिलाकर असर दोगुना। नीम पानी बैक्टीरिया साफ करता है, डैंड्रफ भगाता है।
इनका नियमित प्रयोग बालों को हल्का-मुलायम बनाएगा। जड़ से समस्या सुलझाएं।