
शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाली वसा आवश्यक है, लेकिन रक्त में इसकी अधिकता ट्राइग्लिसराइड स्तर को बढ़ा देती है। यह मधुमेह, मोटापा, जोड़ों दर्द और हृदय रोगों की शुरुआत का संकेत है। सामान्य स्तर 150 एमजी/डीएल से नीचे होना चाहिए।
ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल अलग हैं। ट्राइग्लिसराइड कोशिकाओं में ऊर्जा संग्रह करता है, अच्छे कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है, इंसुलिन प्रतिरोध कम करता है, सूजन घटाता है और चयापचय मजबूत बनाता है। कोलेस्ट्रॉल कोशिका निर्माण, हार्मोन और विटामिन में सहायक है।
कारणों में अधिक कार्बोहाइड्रेट, मोटापा, जंक फूड, व्यायाम की कमी, शराब-तंबाकू प्रमुख हैं। डॉक्टर दवाएं देते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक तरीके प्रभावी हैं।
कार्ब कम करें, खासकर यदि शारीरिक श्रम कम हो—गेहूं, चावल, ज्वार आदि सीमित करें। स्वस्थ वसा अपनाएं: देसी घी, मक्खन, सरसों तेल, ऑलिव ऑयल। रोज 1 घंटा व्यायाम करें। इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाएं—14-16 घंटे उपवास। ये कदम स्वास्थ्यを守ेंगे।