
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सुबह का नाश्ता अक्सर पीछे छूट जाता है, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान एकस्वर में कहते हैं कि यह भोजन दिन की ऊर्जा का आधार है। रातभर की नींद के बाद शरीर ऊर्जा के अभाव में होता है। बिना पोषण के थकान, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी और बार-बार भूख जैसी परेशानियां सताने लगती हैं।
आयुर्वेद में सुबह अग्नि को धीरे जागृत करने का समय माना गया है। हल्का और पौष्टिक भोजन ही सही। भारी तले-भुने से परहेज करें। विज्ञान के अनुसार, जागने के 1-1.5 घंटे में नाश्ता ब्लड शुगर को स्थिर रखता है और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय। ये चुनिंदा चीजें कम मात्रा में भी ताकत का खजाना देती हैं।
कद्दू के बीज और चिया सीड्स नाश्ते के जादूगर हैं। कद्दू के बीज प्रोटीन, जिंक, मैग्नीशियम, आयरन से लबालब—कमजोरी भगाते हैं, नसें मजबूत करते हैं। दिल और इम्यूनिटी के लिए रामबाण। चिया सीड्स फाइबर-ओमेगा-3 से पेट भरा रखते हैं, वजन नियंत्रित करते हैं, आंतों की सफाई superb।
ठोस नाश्ते के शौकीनों के लिए बेसन चीला कमाल का। चना ताकत का भंडार, प्रोटीन मसल्स को जोश, फाइबर पाचन सुधारता। धीमी पाचन क्रिया से शुगर कंट्रोल, डायबिटीज रिस्क कम। सब्जियों संग विटामिन-मिनरल्स का डोज।
ग्रीक योगर्ट प्रोटीन का पावरहाउस, प्रोबायोटिक्स से पाचन मजबूत। सही नाश्ते से दिन ऊर्जावान, स्वस्थ और उत्पादक बनता है।
