
होली का रंग-बिरंगा उत्सव खुशियां बांटता है, लेकिन रंगों के केमिकल त्वचा की नमी चुरा लेते हैं। इससे रूखापन, छिलना और एलर्जी जैसी समस्याएं हो जाती हैं, खासकर संवेदनशील त्वचा वालों को। त्योहार के बाद बाहरी और आंतरिक दोनों स्तर पर देखभाल जरूरी है ताकि त्वचा स्वस्थ रहे।
आयुर्वेद में त्वचा को शरीर का दर्पण माना जाता है। रंग हटाने के बाद स्नेहन और शोधन के सरल घरेलू तरीके अपनाएं। सबसे पहले सादे पानी से मुंह धोएं, फिर मक्के के आटे या चावल के दरदरे आटे से हल्के हाथों रगड़ें। यह रंग और गंदगी साफ कर देगा।
फिर मुल्तानी मिट्टी व दही का लेप लगाएं, जो जलन शांत कर चेहरे को निखारेगा। उसके बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाएं, जो त्वचा को कोमल बनाए रखेगा।
आंतरिक पोषण के लिए रात को हल्का गुनगुना दूध पिएं। तले-भुने व्यंजनों से परहेज करें। इन नुस्खों से त्वचा चमकदार और मजबूत हो जाएगी।