
भुवनेश्वर में मंगलवार को ओडिशा और मेघालय सरकारों ने बचपन की प्रारंभिक देखभाल, शिक्षा और विकास (ईसीसीईडी) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह कदम अंतर-राज्यीय सहयोग के माध्यम से सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और आपसी सीख पर केंद्रित है।
एमओयू में पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, जिम्मेदार देखभाल, समुदायिक भागीदारी और संस्थागत सुदृढ़ीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का प्रावधान है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह ज्ञान साझा करने, संयुक्त शोध, एक्सपोजर विजिट, सर्वोत्तम तरीकों का दस्तावेजीकरण और विभिन्न स्तरों पर कार्यरत लोगों की क्षमता वृद्धि के लिए ढांचा उपलब्ध कराता है।
हस्ताक्षर समारोह में वक्ताओं ने शुरुआती वर्षों को जीवनभर के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण की नींव बताते हुए राज्य-स्तरीय सीखने के महत्व पर बल दिया। ओडिशा के समुदाय-केंद्रित सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील ईसीडी प्रयासों और मेघालय के आदिवासी व भौगोलिक चुनौतियों वाले क्षेत्रों में सेवा वितरण के नवीन मॉडलों का परस्पर लाभ होगा।
राष्ट्रीय मानव पूंजी विकास प्राथमिकताओं से मेल खाते यह साझेदारी समान व समावेशी बाल परिणामों को बढ़ावा देगी। उम्मीद है कि इससे व्यावहारिक सीख जमीनी प्रभाव में बदलेगी, जिसका लाभ बच्चों, देखभालकर्ताओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को मिलेगा।
मेघालय के प्रधान सचिव संपत कुमार और ओडिशा महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव अनंत नारायण सिंह लागुरी ने हस्ताक्षर किए। ओडिशा के विकास आयुक्त देवरंजन कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
