
मंगोलिया में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय संक्रामक रोग केंद्र (एनसीसीडी) के अनुसार, संक्रमितों की संख्या 14,123 को पार कर गई है। ज्यादातर मामले उन स्कूली बच्चों के हैं जिन्हें खसरे का टीका केवल एक डोज लगा था।
एनसीसीडी ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को दूसरी डोज जरूर दिलवाएं। यह हवा से फैलने वाली बीमारी तेज बुखार, खांसी, नाक बहना और चकत्तों का कारण बनती है। वायरस हवा या सतहों पर दो घंटे तक सक्रिय रहता है और एक मरीज 18 अन्य को संक्रमित कर सकता है।
खसरा मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है, हालांकि किसी को भी हो सकता है। 1963 से पहले हर 2-3 साल में महामारी फैलती थी, जिसमें सालाना 26 लाख मौतें होती थीं। वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद 2023 में 1,07,500 लोगों की मौत हुई, ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे।
लक्षण 10-14 दिनों बाद शुरू होते हैं: पहले 4-7 दिन नाक बहना, खांसी, आंखों में पानी; फिर 7-18 दिनों में चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर दाने। ये 3 दिनों में फैलते हैं और 5-6 दिनों तक रहते हैं।
यह संकट टीकाकरण की महत्ता दर्शाता है। मंगोलिया में अभियान तेज करने की जरूरत है ताकि यह बीमारी नियंत्रण में आ सके। माता-पिता सतर्क रहें और बच्चों का पूरा टीकाकरण सुनिश्चित करें।