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मेटाबॉलिक जोखिम बढ़ा रहे एनसीडी: स्वस्थ जीवनशैली व समय पर जांच आवश्यक

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|स्वास्थ्य|
September 2, 2026
मेटाबॉलिक जोखिम बढ़ा रहे एनसीडी: स्वस्थ जीवनशैली व समय पर जांच आवश्यक
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आज के समय में गैर‑संचारी रोग (एनसीडी) जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग बड़े स्वास्थ्य खतरे बन गये हैं। राष्ट्रीय गैर‑संचारी रोग निगरानी सर्वेक्षण (एनएनएमएस) 2017‑18 ने 18‑69 वर्ष के वयस्कों में मेटाबॉलिक जोखिम के स्तर को उजागर किया।

सर्वे में 28.5 % वयस्कों का रक्तचाप उच्च पाया गया, जबकि 9.3 % में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ा हुआ था। साथ ही 26.1 % लोग अतिरिक्त वजन वाले और 6.2 % मोटापे के शिकार पाए गये। पेट के आसपास अधिक चर्बी की समस्या, यानी सेंट्रल ओबेसिटी, 32.2 % में देखी गयी, जो कई मेटाबॉलिक रोगों का संकेत है।

जीवनशैली से जुड़े जोखिम भी स्पष्ट हुए – 32.8 % वयस्क पदार्थ सेवन (तंबाकू) करते हैं और 15.9 % शराब पीते हैं। शारीरिक निष्क्रियता 41.3 % वयस्कों में पाई गयी। फल‑सब्जी सेवन 5 सर्विंग से कम (98.4 % लोग) और औसत नमक सेवन 8 ग्राम प्रतिदिन रिपोर्ट किया गया।

40‑69 वर्ष के समूह में 12.8 % लोगों को अगले 10 वर्षों में 30 % या अधिक हृदय रोग जोखिम या पहले से हृदय रोग पाया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तंबाकू‑शराब से दूरी और समय‑समय पर रक्तचाप‑रक्त शर्करा की जांच को अपनाकर जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।

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