
आयुर्वेद की धरोहर में छिपी लेमन ग्रास आजकल सेलिब्रिटीज और फिटनेस प्रेमियों की पहली पसंद बन चुकी है। सदियों पुरानी इस औषधीय घास को अब वैज्ञानिक नामों से बाजार में बिकवाया जा रहा है, जो इसके महत्व को दर्शाता है।
आयुर्वेद में भूस्तृण के नाम से जानी जाने वाली यह घास वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करती है। जोड़ों-मांसपेशियों के दर्द में राहत देती है। इसका स्वाद कड़वा-तीखा है, लेकिन तासीर ठंडी होने से नसों को शांत कर तंत्रिका तंत्र मजबूत बनाती है।
खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों-मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त अशुद्धि जैसी कई बीमारियों में कारगर। लेमन ग्रास का तेल पाचन सुधारता है, मतली, मासिक धर्म की तकलीफें और सिरदर्द दूर करता है। त्वचा पर लेप लगाने से चमत्कारिक लाभ।
उपयोग के आसान तरीके: रोज ताजा जूस पिएं जो टॉक्सिन्स निकाल detox करता है। चाय बनाकर कैफीन की जगह लें। तनाव-नींद की समस्या में तेल से मालिश करें।
यह साधारण पौधा प्रकृति का अनमोल उपहार है, जो आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य संतुलन लाता है।