ग्रीष्म ऋतु की दस्तक के साथ बाजारों में कटहल का डंका बजने लगता है। इसका अनोखा स्वाद और बनावट हर क्षेत्र में अलग-अलग व्यंजनों में छाई रहती है। काटने-पकाने में मेहनत लगे, लेकिन यह स्वास्थ्य का अनमोल रत्न है। पोषक तत्वों से लबालब कटहल सब्जियों का सुपरस्टार है, खासकर फाइबर का अप्रतिम स्रोत।

आयुर्वेद इसे भारी-तैलीय मानता है, जो शरीर को पोषण देता है। सही पकाव से वात संतुलित होता है, मगर कमजोर पाचन वाले कम खाएं क्योंकि यह धीरे पचता है।
मधुमेह रोगियों के लिए वरदान, निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। हृदय को मजबूती देने वाला पोटैशियम कोलेस्ट्रॉल घटाता है और बीमारियों से बचाता है। फाइबर कब्ज दूर कर आंतों की सफाई करता है।
विटामिन ए-सी त्वचा-बालों को निखारते हैं। गैस या वात वाले हल्के मसाले और कम मात्रा में लें।
कटहल को आहार में शामिल कर गर्मियों को स्वस्थ बनाएं। यह न केवल स्वादिष्ट, बल्कि जीवनशक्ति का भंडार है।
