
भारत सरकार ने सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए 14 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। यह कदम सराहनीय है, लेकिन कई माता-पिता के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या मासिक धर्म के दौरान यह वैक्सीन लेना ठीक है?
स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ स्पष्ट कहते हैं कि हां, पीरियड्स के समय एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। यह वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से लड़ती है, जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का मुख्य कारण है। इससे हार्मोनल संतुलन या माहवारी चक्र पर कोई असर नहीं पड़ता।
2006 से विश्व स्तर पर लाखों डोज दिए जा चुके हैं। लंबे अध्ययनों से साबित हुआ कि इससे पीरियड्स में कोई स्थायी बदलाव या गंभीर समस्या नहीं होती।
डॉक्टरों का मानना है कि मासिक धर्म किसी टीकाकरण में बाधा नहीं। हल्का दर्द, थकान या बुखार जैसी शिकायतें वैक्सीन की सामान्य प्रतिक्रिया हैं, न कि पीरियड्स से जुड़ी।
कई लोग मानते हैं कि इस समय शरीर संवेदनशील होता है, लेकिन यह गलतफहमी है। इम्यून सिस्टम वैक्सीन को अच्छी तरह ग्रहण करता है और एंटीबॉडी बनाता रहता है। कोई चिकित्सकीय रोक नहीं है।
यदि पीरियड्स में दर्द हो तो आराम करें, दवा लें। किशोरावस्था में वैक्सीन सबसे प्रभावी। क्वाड्रिवेलेंट डोज मजबूत सुरक्षा प्रदान करती है।
इस अभियान से कैंसर रोकथाम में क्रांति आएगी। मिथकों को तोड़कर अधिक लड़कियां सुरक्षित होंगी।