
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के तहत 8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग कर ली है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए इस रोकी जा सकने वाली बीमारी को समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सर्वाइकल कैंसर वैश्विक और भारतीय स्तर पर बड़ी चुनौती है। सरकार ने रोकथाम, स्क्रीनिंग, जल्दी निदान और उपचार पर बहुआयामी रणनीति अपनाई है। विजुअल इंस्पेक्शन विथ एसीटिक एसिड (VIA) जांच अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य केंद्रों पर 30-65 वर्ष की महिलाओं के लिए उपलब्ध है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को 1.2 करोड़ 14 वर्षीय लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया। 90 दिनों में गार्डासिल वैक्सीन की मुफ्त खुराक सरकारी केंद्रों पर दी जाएगी।
अभियान स्वैच्छिक है, जिसमें माता-पिता की सहमति अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मी समुदायों तक पहुंचकर जागरूकता फैला रहे हैं। नड्डा ने डब्ल्यूएचओ के 90-70-90 लक्ष्यों का समर्थन किया।
डब्ल्यूएचओ महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने भारत की पहल की सराहना की, इसे दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त एचपीवी अभियान बताया। भारत में प्रतिवर्ष 80,000 महिलाओं की मौत और 42,000 नए मामले सामने आते हैं। दक्षिण अफ्रीका के मंत्री ने भी बधाई दी।