
मानवीय सहायता के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराते हुए भारत ने अफगानिस्तान को 7.5 टन जीवनदायिनी कैंसर दवाओं की बड़ी खेप गुरुवार को काबुल पहुंचाई। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह कदम कैंसर पीड़ितों की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने लिखा, ‘कैंसर मरीजों की फौरी जरूरतों को देखते हुए काबुल को 7.5 टन कैंसर की जीवनरक्षक दवाएं भेजी गईं।’
यह सहायता दिसंबर में नई दिल्ली में अफगान स्वास्थ्य मंत्री मawlवी नूर जलाल जलाली और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की उच्चस्तरीय बैठक का परिणाम है। चर्चा में स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग विस्तार, चिकित्सकों की क्षमता निर्माण, विशेषज्ञता आदान-प्रदान और गुणवत्ता वाली दवाओं की नियमित आपूर्ति पर जोर दिया गया।
कैंसर उपचार, अफगान मरीजों के लिए मेडिकल वीजा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। जलाली ने भारत की हालिया मदद के लिए आभार जताया तथा आगे की आवश्यकताओं से अवगत कराया। नड्डा ने अफगानिस्तान के प्रति भारत की निष्ठा की पुन: पुष्टि की।
पिछले चार वर्षों में भारत ने अफगानिस्तान को 327 टन दवाएं व वैक्सीन उपलब्ध कराई हैं। काबुल के बच्चों अस्पताल के लिए सीटी स्कैन मशीन सहित अतिरिक्त सहायता शीघ्र भेजी जाएगी। रेडियोथेरेपी उपकरणों पर भी कार्यरत हैं विशेषज्ञ।
नड्डा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में बैठक को सकारात्मक बताते हुए दीर्घकालिक दवा आपूर्ति और स्वास्थ्य साझेदारी मजबूत करने पर बल दिया। भारत का यह प्रयास न केवल तात्कालिक राहत प्रदान करता है बल्कि दोनों देशों के बीच गहन संबंधों को और सशक्त बनाता है।