
गांधीनगर। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुषिकेश पटेल ने मंगलवार को भावनगर सिविल अस्पताल के डॉ. गणेश बरैया को उनकी कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के लिए सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन की असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे लड़ने का संदेश दिया।
मंत्री ने युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब कोई छात्र हार मान लेता है, तो उसके माता-पिता का पूरा संसार उजड़ जाता है। डॉ. बरैया का जीवन प्रमाण है कि शारीरिक बाधाओं के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है।
डॉ. बरैया को मेडिकल काउंसिल ने अस्वीकार किया था, लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष कर अपनी डिग्री प्राप्त की। उनके शिक्षक डॉ. दलपत कटारिया का योगदान सराहनीय रहा। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के डीन और अधीक्षक की भी प्रशंसा की।
छात्रों से अपील की कि वे मेडिकल या इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में असफलता से निराश न हों। परिवार के साथ समय बिताएं, मोबाइल से दूर रहें। सच्ची सफलता डिग्री में नहीं, मानवीय गुणों में है। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए एक नई दिशा प्रदान करने वाला साबित हुआ।
