
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पाचन संबंधी परेशानियां आम बात हो गई हैं। अनियमित भोजन, तला-भुना खाना, फाइबर की कमी और तनाव से गैस, अपच, कब्ज जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। लेकिन रसोई का हरा चना इन सभी समस्याओं का प्राकृतिक इलाज है। फाइबर से भरपूर यह सुपरफूड पेट को स्वस्थ रखता है।
आयुर्वेद में हरे चने को त्रिदोष नाशक कहा गया है। यह पित्त और कफ दोष को संतुलित करता है, पेट की अतिरिक्त नमी दूर भगाता है। नतीजा—नियमित मलत्याग और बेहतर आंत गतिविधि। धीरे-धीरे यह अग्नि को बढ़ाता है, जिससे भोजन अच्छे से पचता है।
विज्ञान भी सहमत है—हरा चना घुलनशील और अघुलनशील फाइबर का बेहतरीन स्रोत। ये आंतों को साफ रखते हैं, मल को मुलायम बनाते हैं और गैस-फूलने से बचाते हैं। लंबे समय तक भूख न लगने से वजन काबू में रहता है।
इसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर हैं। ये आंतों की परत मजबूत करते हैं, एसिडिटी कम करते हैं। खून की कमी, कमजोरी, हृदय रोग और इम्यूनिटी के लिए भी रामबाण।
सलाद, सूप, सब्जी या स्नैक के रूप में इस्तेमाल करें। हरा चना अपनाएं, स्वस्थ पाचन पाएं।