
घर सजाने के लिए आजकल गंधराज का पौधा सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यह गुलाब के फूल जैसा सफेद और सुंदर दिखता है, साथ ही इसकी खुशबू घर को महका देती है। लेकिन इसके असली जादू इसके औषधीय गुणों में हैं, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान देते हैं।
आयुर्वेद में गंधराज को वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने वाला बताया गया है। इसके फूलों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर हैं, जो त्वचा की परेशानियों जैसे मुंहासे, घाव और संक्रमण को जल्दी ठीक करते हैं। चेहरे पर लगाने से त्वचा निखर जाती है।
सिरदर्द और माइग्रेन के मरीजों के लिए गंधराज का तेल रामबाण है। इसे माथे पर लगाने से दर्द कम होता है और मानसिक तनाव दूर हो जाता है। यह हार्मोन को बैलेंस कर अच्छी नींद भी दिलाता है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी गंधराज कारगर है। कब्ज, पेट दर्द और आंतों के संक्रमण से राहत दिलाने के लिए इसके फूल-पत्तियों का उपयोग सदियों से होता आया है। हालांकि, इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लें, खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इससे दूर रहना चाहिए।
छोटे आकार का यह पौधा घर के किसी भी कोने में आसानी से उगाया जा सकता है। गंधराज न केवल घर को सुंदर बनाता है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रखता है। इसे लगाकर आप प्रकृति के इन अनमोल उपहार का लाभ उठा सकते हैं।