
नागपुर, 14 फरवरी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कैंसर के खिलाफ जंग में उपचार के साथ-साथ रोकथाम और शीघ्र निदान पर विशेष जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह बीमारी न केवल इलाज की मांग करती है बल्कि पहले से सावधानी और त्वरित पहचान भी जरूरी है।
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान द्वारा आयोजित ‘ऑन्कोलॉजी बियॉन्ड बॉर्डर्स’ वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन में बोलते हुए फडणवीस ने पिछले दस वर्षों में कैंसर के मामलों में भारी उछाल का जिक्र किया। यह स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है, लेकिन कैंसर अभी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय है। कोई रोग सीमाओं या आर्थिक स्थिति को नहीं देखता, इसलिए हमें एकजुट होकर समाधान ढूंढने होंगे।
फडणवीस ने इस तरह के सम्मेलनों को कैंसर देखभाल में सहयोग और नवाचार का मजबूत मंच बताया। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान जैसे केंद्र उन्नत इलाज उपलब्ध करा रहे हैं, जो भारत के अलावा अन्य देशों के मरीजों को भी फायदा पहुंचा रहे हैं।
महाराष्ट्र में महा कैंसर फाउंडेशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित राज्यव्यापी नेटवर्क की बात की, जो गुणवत्ता उपचार सभी तक पहुंचाएगा। अनुसंधान, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, बायोटेक और एआई के उपयोग से निदान और परिणाम बेहतर होंगे।
शीघ्र जांच से जीवित रहने की दर बढ़ेगी और कैंसर का बोझ कम होगा। यह सम्मेलन कैंसर के खिलाफ नई उम्मीद जगाता है।