
आयुर्वेद के अनुसार, हमारी आंखें शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य का दर्पण होती हैं। वात, पित्त और कफ के असंतुलन से आंखों में बदलाव आते हैं। पीली आंखें पित्त दोष और लीवर की समस्याओं का संकेत देती हैं, जिन्हें आंवला और हल्दी से ठीक किया जा सकता है। आंखों के नीचे काले घेरे तनाव और पानी की कमी के कारण होने वाले वात-पित्त असंतुलन को दर्शाते हैं। सूजन वाली आंखें कफ की अधिकता और किडनी या थायरॉइड की समस्या का संकेत हैं। पीली पलकें एनीमिया और विटामिन B12 की कमी बताती हैं। इन संकेतों को समझकर और आहार में सुधार कर हम त्रिदोषों को संतुलित रख सकते हैं और गंभीर रोगों से बच सकते हैं।