
गर्मियों की तपिश में शरीर को ठंडा रखना चुनौती भरा हो जाता है। लेकिन रसोई का साधारण मसाला लौंग इस समस्या का शानदार समाधान साबित हो सकती है। आयुर्वेद में इसे देवपुष्प कहा गया है, जो गर्म तासीर के बावजूद शरीर को शीतलता प्रदान करती है।
लौंग पित्त दोष को संतुलित कर अत्यधिक प्यास और डिहाइड्रेशन से बचाती है। यह मुंह में लार का स्राव बढ़ाती है, जिससे सूखे मुंह की परेशानी दूर रहती है। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे मुंह की दुर्गंध आम हो जाती है। लौंग के यूजेनॉल यौगिक बैक्टीरिया को नष्ट कर मौखिक स्वच्छता बनाए रखते हैं।
पाचन शक्ति गर्मी में कमजोर पड़ जाती है, भारी भोजन पचाना मुश्किल हो जाता है। लौंग जठराग्नि को प्रज्वलित कर पाचन सुधारती है और पेट की समस्याओं से मुक्ति दिलाती है। आंखों के लिए भी लाभकारी, यह धूप से होने वाली जलन कम करती है।
रात भर भिगोकर सुबह मिश्री संग चबाएं। इस तरह लौंग शरीर का तापमान नियंत्रित रखती है और लू-गर्मी से सुरक्षा देती है। आयुर्वेद विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीमित मात्रा में सेवन करें। गर्मियों को आरामदायक बनाएं लौंग के इन चमत्कारी गुणों से।