
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, नींद की कमी और थकान आम बात हो गई है। गलत आदतें जैसे ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल और अनियमित खानपान शरीर को खोखला कर रहे हैं। छोटी परेशानियां नजरअंदाज करने से बड़ी बीमारियां जन्म लेती हैं, लेकिन चिन्मय मुद्रा जैसा सरल योगाभ्यास इनसे निजात दिला सकता है।
संस्कृत में ‘चिन्मय’ का मतलब चेतना से परिपूर्ण होना है। इस मुद्रा में अंगूठे को तर्जनी से जोड़ें और बाकी उंगलियां मोड़ लें। इससे शरीर के पांच तत्व संतुलित होते हैं और सांस पर ध्यान केंद्रित होने से मन शांत होता है।
मानसिक स्वास्थ्य में यह चमत्कारिक है। लगातार चिंता से परेशान दिमाग को आराम मिलता है। अनिद्रा के शिकार लोगों को गहरी नींद आती है। एकाग्रता बढ़ती है, जो छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए वरदान है।
पाचन तंत्र मजबूत होता है, गैस- अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं। ऊर्जा का संतुलन बनने से थकान भाग जाती है और दिनचर्या सक्रिय हो जाती है।
रोज 10-15 मिनट अभ्यास करें। सुबह या शाम शांत जगह पर बैठें, मुद्रा बनाएं और गहरी सांस लें। धीरे-धीरे सेहत में जबरदस्त सुधार नजर आएगा। यह प्राचीन विद्या आधुनिक जीवन की चुनौतियों का मजबूत हल है।