ब्रेन फॉग: हृदय रोग का छिपा संकेत या सामान्य थकान?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिमागी सुस्ती, भूलने की बीमारी और एकाग्रता की कमी को लोग तनाव या उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह ब्रेन फॉग हृदय रोग का शुरुआती संकेत हो...

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिमागी सुस्ती, भूलने की बीमारी और एकाग्रता की कमी को लोग तनाव या उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह ब्रेन फॉग हृदय रोग का शुरुआती संकेत हो सकता है। जब दिल ठीक से खून नहीं पंप कर पाता, तो दिमाग तक ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है।
हृदय और मस्तिष्क का गहरा नाता है। 2024 के एक महत्वपूर्ण अध्ययन से पता चला कि हल्की हृदय कमजोरी भी मस्तिष्क रक्त प्रवाह को कम कर देती है। इसके फलस्वरूप स्मृति ह्रास, ध्यान भंग और मानसिक थकान जैसी समस्याएं उभरती हैं। कई मरीजों में सीने दर्द से पहले ही ये लक्षण दिखाई देते हैं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आप बार-बार नाम भूलते हैं या निर्णय लेने में कठिनाई महसूस करते हैं, तो हृदय जांच कराएं। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी टेस्ट से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं—फल-सब्जियां खाएं, व्यायाम करें, धूम्रपान छोड़ें। समय रहते सतर्कता बरतें, ताकि छोटी समस्या बड़ा खतरा न बन जाए। हृदय स्वस्थ रखें, दिमाग तेज रखें।


