
दुनिया भर में कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इन्हींमें पेट का कैंसर एक ऐसा रोग है जो चुपचाप शरीर पर कब्जा जमाता है। शुरुआती लक्षण इतने मामूली होते हैं कि लोग इन्हें गैस या अपच समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन समय रहते पहचान न हो तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
सबसे प्रमुख चेतावनी है पेट का लगातार फूलना। थोड़ा खाने पर ही पेट भारी लगना, रोजाना जकड़न महसूस होना सामान्य नहीं। कैंसर कोशिकाएं पाचन प्रक्रिया को बाधित कर देती हैं, जिससे भोजन आगे नहीं बढ़ पाता। आयुर्वेद में इसे पाचन अग्नि की कमजोरी कहा जाता है।
दूसरा लक्षण है बेवजह की थकान। पर्याप्त आराम के बाद भी कमजोरी बनी रहना, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ होना खून की कमी का संकेत हो सकता है। आंतरिक रक्तस्राव से आयरन की कमी हो जाती है।
अचानक वजन घटना और जल्दी पेट भर जाना भी चिंता की बात है। कैंसर ऊर्जा सोख लेता है, भोजन का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है।
मितली या उल्टी का बार-बार होना पेट की परत में सूजन का परिणाम हो सकता है। इन लक्षणों को हल्के में न लें। डॉक्टर से जांच करवाएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और नियमित स्क्रीनिंग कराएं। जागरूकता ही बचाव है।